कारी स्याह छै
दिशाहीन राइत
दिन हेतै ने ।
(१)
हम देखै छी
बड देखSके अछि
एखन बाँकी ।
(२)
कतS मिलै छै ?
आकाश आ सागर
एके रङ्ग छै ।
(३)
मेघSक यात्रा
एक खास गन्तव्य
वर्षै गगन ।
(४)
हम चुप छी
ओहो तS चुपे छैथ
हँसैछ फूल ।
(५)
नदिक वेग
नहि रुकतै आब
यात्रा तय छै ।
(६)
